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आबोह्वा बदलाव और रबड् उत्पादन
2 Commentsएक किसान द्वारा टिप्पणियां: आबोह्वा बदलाव, जल, वायु, सूर्यकिरण आदी की लभ्यता और कम बारिश रबड़ के उत्पादन के लिए अनुकूल होता है। आवधिक (periodical) बारिश से zylem पानी और न्यूट्रियन्ट सहित सजीव रहते हैं और पत्तों पर संश्लेषण की तेजी होगा। अधिक बरसात, सर्दियों के मौसम आदी के समय ज्यादा उत्पादन होगा। लेकिन न्यूट्रियन्ट के नष्ट होना पेडकेलिये हानिकार होगा। कम बरसात इस प्रकार सूखी रबर सामग्री अधिक संभालता हैं और दोहन दिन बढ़ाया जा सकता है। एक comparitative Study एक किसान द्वारा किए गए हैं। उस में अध्ययन वर्ष 2009-10 के लिए उत्पादन वृद्धि दर्शाता प्राप्त है। अप्रैल 2010 के 20 वीं तारिख के बाद ही अनुमानित आंकड़े रबड़ बोर्ड द्वारा की जाने वाले गणना की नतीजा पा सकती है। मीडिया के प्रसारित खबर किसी भी वास्तविकता के साथ सही नहीं है। उच्च कीमतों के कारण दोहन (tapping days) दिन बडेगा और उत्पादन पर वृद्धि होगा। हालांकि भारतीय रबर बोर्ड ने वर्ष 2009-10 के लिए आंकड़े प्रकाशित वास्तविक उत्पादन की तुलना में दूर रहकर कम प्रसारित की हैं। रबड़ बोर्ड द्वारा पिछले साल के प्रचार के लिए Ethephon के आवेदन के साथ दोहन आवृत्ति कम करके उत्पादन बढ़ाने के लिए किया गया था। इस का परिणाम क्या हुआ?
रबड् और किसी अन्य खेतियों जैसे नहीं है। आराम देने पर क्षमता बडता हैं और ज्यादा दोहन से क्षमता कम होजाता हैं। इसे ठीक पालन पोषण देने पर कई साल आमदनी मिलेगा। सर्दियों के बाद पत्ते इकटा गिरता और गर्मियों में ताजा पत्ते होने का कारण संश्लेषण के मदद से cabohydrates का उत्पादन जारी रहता हैं। उसी वजह से किसी उत्तेजित एथिफोण जैसे वस्तू के इस्तेमाल के बगैर दोहन करने पर कोई नुक्सान नहीं होगा। बरसात शुरू होते ही गाडे लाटक्स मिलना शुरू होता भी हैं।
दुनियाँ रबर उत्पादन और खपत का एक समग्र प्रदर्शन मामूली उतार चढ़ाव के साथ वृद्धि हुई है। लेकिन एक बड़े पैमाने पर अस्थिरता कीमतों पर दिख रहा है। ग्रेड के बीच की पैसे की अंतर, कम और उच्च मूल्य की कीमतों में एक सा ही हैं। इस प्रकार जब कीमतें नीचे आता है प्रतिकूल प्रभाव किसानों को अधिक होता हैं।
2 Responses to “आबोह्वा बदलाव और रबड् उत्पादन”
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arvind mishra said on 10 April 2010 at 4:55 PM
हिन्दी के प्रति समर्पण देखकर अच्छा लगा
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Tweets that mention കാലാവസ്ഥാ വ്യതിയാനവും റബ്ബര് ഉല്പാദനവും -- Topsy.com said on 10 April 2010 at 5:29 PM
[...] This post was mentioned on Twitter by keralafarmer. keralafarmer said: Climate change and rubber output http://keralafarmeronline.com/climate-change-and-rubber-production [...]








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