-
एक खुले चिटी आदरणीय मन्त्री थरूर के नाम
2 CommentsA chat with the famous Freelance Journalist K.Govidankutty a sweetener.
Govindan: i would like to visit your farm one of these days…you know there is a great poem of walt whitman..sayingi would rather go and live in the midst of animals/because they do not fret and fume, they do not discuss their duty to god, they are not demented by the mania of owning things.being with animals and plants is a creative exercise..perhaps more than with humans…Keralafarmer: We have to understand Animals & Plants needs in timeGovindan: quite true…long before American botanists began hesitantly talking about it, aurobindo propounded a theory of animal consciousness..ok. take care of your cows–holy among them in particular..
जब से आप ने केरल में राजनीती के भागीदार बने तब से बहूत ही कठिनाइयों को पार करना पडा। भारतवासी नहीं, कुर्ता और धोती पहनने लगा, मलयालम मालूम नहीं आदी आप के खिलाफ उठाई गई शब्दें हैं। हम तिरुवनन्तपुरम के रहने वालों को ऐसे आरोपण में कोई शंका नहीं था। उसी वजह से आप यहाँ से एक लाक करीब ज्यादा मत अधिक पाकर जीत गये। आप जैसे एक महान व्यक्ती को चुनाव में लडने केलिये शामिल करकर प्रधान मन्त्री मनमोहन और कोणग्रस अध्यक्ष सोणिया जी ने राष्ट्रीय कापट्य से दबे हुये हम को बचाकर बडे वरदान दी।
ट्विटर में आप के पीझे करनेवालों (followers) के संख्या की बढना (माध्यम के हिस्सा बहूत महत्वपूर्ण था) कइयों के नीन्द हराम कर दी। बी.जे.पी पक्ष के एक पत्रकार “काटिल क्लास ” वाक्यों के इस्तेमाल ट्वीट सवाल के रूप में भेजा और जवाब में “काटिल क्लास” और “होली कौ” की इस्तेमाल आपने की। वह श्री थरूर को एक कदम और आगे पहूँचा दी। “धन्यवाद बोलना चाहिये कान्चल गुप्ता को” इस महत्वपूर्ण सेवा केलिये। अब ट्विटर कम्यूणिटी ने आप को ट्विट्टर के भारतीय अंबासडर बना दी। अब सब डर रहे हैं ट्विटर आप के वोट बेंक बन रहे हैं करके। जो जाती, मत, कक्षि राष्ट्रीय पक्षपात के बगैर वोट बैंक बनकर आप के पीझे करने पर। अक केलिये सहयोग के कारण आप पर आम जनता के विश्वास ही हैं।
आप हमेशा बोलता हैं एक स्थानार्थि जीतने पर सारे जनता का सेवक हैं। हम ऐसे नेता ही चाहते हैं। कोण्ग्रस के ही दूसरे स्थान के नेतायें आप के खिलाफ होने का कारण काटिल क्लास और होली कौ को लेकर हंगामा मचा दी। हम ऐसे भाषण देखा, पढा ऐर सुना। लेकिन असलियत समझने में आप के नये ट्वीट तक इन्तजार करना पडा। उस बात पर बगैर जरूरत आप को माभी माँगना पडा। एक किसान होने के बौजूद मुझे भी समझ में आया जो काटिल क्लास और होली कौ शब्दों में ऐसे कोई गलती ही नहीं था। परन्तू एक एक वाक्य के विश्लेषण करने पर गलत मतलब ही निकलता हैं।
अगले चुनाव में आपको कोई बानर, कटऔट और दीवारों में लिखाई वगैरह के कोई जरूरत ही नहीं। बदले में चुनाव के दौराण ट्विटर, ब्लाक बरी और कमप्यूटर सारे काम सरल बनायेगा। बढते टेकनोलजी तबतक ऐसे अवस्था में पहूँचेगा करके उमीद रख सकके हैं। अगले बार आप जब तिरुवनन्तपुरम में आयेगा तब आप के पीझे करने वाले ट्विटर उपयोक्ताओं को इकटा करके कुझ समय मिलाप और बातचीत केलिये मौका जरूर देना। जैसे आप ने दिल्ली ब्लोगरों के साथ समय बिताया। हम वादा करता हैं आप के हर अच्छे कामों में हम सब आप के साथ होगा।
- micro blogging at any page you are
2 Responses to “एक खुले चिटी आदरणीय मन्त्री थरूर के नाम”
-
Tweets that mention An open letter to hon. minister ShashiTharoor -- Topsy.com said on 20 September 2009 at 4:38 PM
[...] This post was mentioned on Twitter by Swagat Sen. Swagat Sen said: RT @keralafarmer: An open letter to Hon. Minister Dr. Tharoor http://bit.ly/13ruph [...]
-
Tweets that mention ബഹു. കേന്ദ്ര വിദേശകാര്യ സഹമന്ത്രി ശശി തരൂരിന് ഒരു തുറന്ന കത്ത് -- Topsy.com said on 22 September 2009 at 12:10 PM
[...] This post was mentioned on Twitter by pramod prasad and Rakesh R Nath. Rakesh R Nath said: RT @keralafarmer #ShashiTharoor ബഹു. മന്ത്രി ശശിതരൂരിന് ഒരു തുറന്ന കത്ത് http://tiny.cc/LPYxt [...]









टिप्पणी